एक बार संवारे से तुम लोह लगाके देखो

एक बार संवारे से तुम लोह लगाके देखो,
बरसे गी किरपा बारी तुम आजमा के देखो,
एक बार संवारे से तुम लोह लगाके देखो....

तुम दो कदम बड़ो गे ये दस कदम बड़े गा,
ना हो ख़त्म कभी फिर इसा जनून चडेगा,
हिर्दय में संवारे की मूरत बसा के देखो,
एक बार संवारे से तुम लोह लगाके देखो

जिनके दिलो में जलती मेरे संवारे की जोती,
लक्ष्मी जी सवयं वाहा पर दिन रात पेहरा देती,
मस्तक में जोत बश में अपने लगा के देखो
एक बार संवारे से तुम लोह लगाके देखो,

कलयुग का देवता है क्या कुछ नही ये करता,
ब्रह्मा ने जो लिखा वो पल भर में मेट सकता,
बस भावना से अपने सिर को झुकाके देखलो,
एक बार संवारे से तुम लोह लगाके देखो

निर्बल को बल मिले गा इस देव का है वादा,
एहे हर्ष क्या तू सोचे क्या है तेरा इरादा,
चरणों में सारी सूद भूध बन्दे बुलाके देखो,
एक बार संवारे से तुम लोह लगाके देखो
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