मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यार हैं

मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।

शीष पर है मुकुट माथे चंदन लगा।
बाल घुघराले हैं जैसे बादल घना
कांधे पीर पिछोरा धारे हैं।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।

श्री विष्णु ने अबध में श्रीराम रूप धारा।
करके अनेक लीला पृथ्वी का भार टाला।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यार हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।

साथ लक्ष्मण भारत शत्रुघ्न भाई हैं।
राम के बाएं में बैठी सिया माई हैं।
श्री चरणों मे हनुमत पधारे हैं।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।

झांकी है कितनी प्यारी शोभा कही न जाये।
बिन देखे इनकी मूरत हमसे रहा न जाये।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।
मुझे राम श्रीराम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं।
कर में अपने धनुषबाण धारे हैं।।

श्रेणी
download bhajan lyrics (80 downloads)