मन में बसाके तेरी मूर्ति

मन में बसाके तेरी मूर्ति,
मन में बसाके तेरी मूर्ति,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती,
तू ही सर्व मंगला तू ही भगवती,
तू ही सर्व मंगला तू ही भगवती,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती।

करुणा करो कष्ट हरो चिंता मिटा दो,
आया शरण पूजूँ चरण भाग्य जगा दो,
करुणा करो कष्ट हरो चिंता मिटा दो,
आया शरण पुजू चरण भाग्य जगा दो,
तेरे सिवा अम्बे शिवा आसरा नहीं,
मन की जिसे बात कहे दूसरा नहीं,
लाखों का तूने उद्धार है किया,
माँगा जिसने जो तुमने माँ दिया,
छोटी सी मेरी थी ये मानों विनती,
मन में बसा के तेरी मूर्ति,
मन में बसा के तेरी मूर्ति,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती।

भव में फंसी आज मेरी तार दो नैया,
तुझसे बड़ा माँझी कोई और ना मैया,
भव में फंसी आज मेरी तार दो नैया,
तुझसे बड़ा मांझी कोई और ना मैया,
जिसपे तेरा हाथ उसे आंच क्यों आये,
दूर करो अब तो काले गम के साये,
दर्द की दवा तेरे पास माँ,
टूट जाये ना मेरी आस माँ,
ज़िन्दगी दया की है भीख मांगती,
मन में बसाके तेरी मूर्ति,
मन में बसाके तेरी मूर्ति,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती,
तू ही सर्व मंगला तू ही भगवती,
तू ही सर्व मंगला तू ही भगवती,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती,
उतारू मैं अम्बे तेरी आरती।
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