यहाँ वहाँ जा जा घर घर ढूँढा रे

यहाँ वहाँ जा जा घर घर ढूँढा रे,
पत्ते पत्ते व कली सबसे पूछा रे,
तब जाके मिला है थोड़ा पता मिला है,
मैं उससे मिलूंगा मैं उसको पाऊंगा,
गणपती देव को देवो के देव को,
गणपती देव को देवो के देव को ॥

अब मेरे चेहरे का रंग खिल गया,
बिछड़ा हुआ स्वामी मुझे आज मिल गया,
अब मेरे चेहरे का रंग खिल गया,
बिछड़ा हुआ स्वामी मुझे आज मिल गया,
आज मिल गया, अभी मिल गया,
त्रिलोकी नाथ देखो मुझे मिल गया,
देखा देखा हा देखा जग को देखा रे,
गांव गांव व गली सबसे पूछा रे,
तब जाके मिला है थोड़ा पता मिला है,
मैं उससे मिलूंगा मैं उसको पाऊंगा,
गणपती देव को देवो के देव को,
गणपती देव को देवो के देव को॥

गणपती तो इस जगत का मंत्र बना है,
लोगो के जीने का तंत्र बना है,
गणपती तो इस जगत का मंत्र बना है,
लोगो के जीने का तंत्र बना है,
तंत्र बना है, यंत्र बना है,
सारी सृष्टि का ये ही मंत्र बना है,
यही मंत्र यही जंत्र मन से रटा रे,
और फ़िज़ा ये हवा सबसे पूछा रे,
तब जाके मिला है थोड़ा पता मिला है,
मैं उससे मिलूंगा मैं उसको पाऊंगा,
गणपती देव को देवो के देव को,
गणपती देव को देवो के देव को ॥

ज़िन्दगी की शाम में धुप हो गयी,
भटकी हुई ज़िन्दगी अनूप हो गयी,
ज़िन्दगी की शाम में धुप हो गयी,
भटकी हुई ज़िन्दगी अनूप हो गयी,
धुप हो गयी धुप हो गयी,
भटकी हुई ज़िन्दगी अनूप हो गयी,
यही धुप मुझपे पड़ी तब मैं जगा रे,
दसो दिशा नभ के तारे सबसे पूछा रे,
तब जाके मिला है थोड़ा पता मिला है,
मैं उससे मिलूंगा मैं उसको पाऊंगा,
गणपती देव को देवो के देव को,
गणपती देव को देवो के देव को॥

यहाँ वहाँ जा जा घर घर ढूँढा रे,
पत्ते पत्ते व कली सबसे पूछा रे,
तब जाके मिला है थोड़ा पता मिला है,
मैं उससे मिलूंगा मैं उसको पाऊंगा,
गणपती देव को देवो के देव को,
गणपती देव को देवो के देव को॥
श्रेणी
download bhajan lyrics (139 downloads)