इक न इक दिन ये माँ विनती सुनेगे

इक न इक दिन ये माँ विनती सुनेगे बिगड़ी है जो वोही बात बनेगी,
मेरी भी नैया पार लगे गी किस्मत मेरी सोई ये जगे गी
इक न इक दिन ये माँ विनती सुनेगे बिगड़ी है जो वोही बात बनेगी,

तू वरदानी है आंबे रानी है सारी दुनिया ने बात मानी है
इनके द्वारे पे जो भी आता है मुह मांगी मुरादे वो पाता है
ये मेहरा वाली मेहर करेगी किसमत मेरी सोई जगे गी
इक न इक दिन ये माँ विनती सुनेगे बिगड़ी है जो वोही बात बनेगी,

भोली भाली है जग की वाली है सब के संकट माँ हरने बाली है
माँगा जो भी वो माँ से पाया है ना किसकी को ठुकराया है
मेरी भी झोली इक दिन भरे गी किस्मत मेरी सोई ये जगे गी
इक न इक दिन ये माँ विनती सुनेगे बिगड़ी है जो वोही बात बनेगी,

ज्योत जगाई है आस लगाई है चंडी माई को अर्ध सुनाई है
आशा टूटे न मैया रूठे न दर ये मैया का अब तो छुटे न
विनती मेरी चंडी मैया सुनेगी किस्मत मेरी सोई ये जगे गी
इक न इक दिन ये माँ विनती सुनेगे बिगड़ी है जो वोही बात बनेगी,
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