जो शिव को ध्याते है शिव उनके है

जो शिव को ध्याते है शिव उनके है
जो शिव में खो जाते है शिव उनके है
जो शिव को ध्याते है शिव उनके है

शिव को न गर्ज कोई छोटी बड़ी बात से,
शिव तो है खुश होते भवाना की बात से
मानव है पाते उसे निश्य से जप से,
दानव वरदान लेते बरसो के तप से,
जो श्रदा दिखाते है शिव उनके है
जो शिव को ध्याते है शिव उनके है

निष्ठा का दूध और जल उनको भाये रे
मेवा अभिमान का न उनको रिजाये रे
रावन ने पाई जिनसे सोने की लंका है
उन की दयालता पे हम को न शंका है
जो शिव के हो जाता है शिव उनके है
जो शिव को ध्याते है शिव उनके है

शिव ही शिवाले में शिव ही कैलाश में
शिव तो है भगतो के मन के विश्वाश में
शिव को न पाया जाए उचे दिमागों से
बंध जाते प्रेम के कच्चे ही धागों से
जो प्रेम बडाते है शिव उनके है
जो शिव को ध्याते है शिव उनके है
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