भजनो की गलियों में कहीं तू मुझे मिल जाए

भजनो की गलियों में कहीं तू मुझे मिल जाए
मैं तुझसे लिपट जाऊं तू मुझसे लिपट जाए
तुमसे मिलकर भगवन मैं ऐसा रम जाऊं
मैं तुझमे समां जाऊं तू मुझमे समां जाए
भजनो की गलियों में ..................

यादों में तेरी प्यारे दिल मेरा धड़कता है
स्वांसों की सरगमों पर तेरा नाम मचलता है
स्वांसों का क्या कहना कब स्वांस सिमट जाए


जीता हूँ तेरी आस में मुझे तेरा भरोसा है
आकर मुझे बता ज़रा तुझे किसने रोका है
ब्रह्माण्ड के नायक हो मुझे घेरे विकट साये
मैं तुझसे लिपट जाऊं तू मुझसे लिपट जाए
भजनो की गलियों में .................

माधुर्य भरा तुझमे सर्वांग रसीले हो
करुणा भरी तुझमे प्रभु भक्तों के वसीले हो
नंदू ये ही प्रिय बातें मुझे तेरे निकट लाये
मैं तुझसे लिपट जाऊं तू मुझसे लिपट जाए
भजनो की गलियों में .................
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