पालकी में सज कर बैठे मेरे साई बाबा

साई बाबा .........
पालकी में सज कर बैठे मेरे साई बाबा
चलो पालकी उठाओ नहीं देर तुम लगाओ
मेरे साईं दरबार
पालकी में सज कर .............

क्या कहूँ मैं मुख से अपने शोभा वर्णी न जाए
देख पालकी ब्रह्मा विष्णु श्रीगामान हर्षाये
नारद शारद करे आरती वीणा मधुर बजाये
सोने और चांदी से बानी है ये पालकी
पालकी में सज कर .............

इतना प्यारा रूप साईं का नज़र नहीं लग जाए
इसे नज़र उतारो काल टीका लगाए हो
जूही चमेली फूल गुलाब से महक रहा दरबार
पालकी में सज कर .............

बच्चे बूढ़े और नर नारी आये हैं शिरडी के धाम
उठा पालकी काँधे ऊपर ले साईं का नाम
कट जाए सारे पाप के बंधन साई करें कल्याण
राम लाल सोनी काँधे धार के पालकी
पालकी में सज कर .............
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