वो कौन है जिसने हमको दी पहचान है

वो कौन है जिसने हमको दी पहचान है
कोई और नहीं वो खाटू वाला श्याम है
जिसकी रेहमत से होता हर एक काम है
मेरा श्याम है मेरा श्याम है

हर चाहत पूरी कर दी दिल की आवाज़ को सुनकर
फूलों की सेज सजा दी राहों से कांटे चुन कर
ये किसकी कृपा से हर सुख हर आराम है
मेरा श्याम है मेरा श्याम है

मुझे याद है बीते दिन वो जब खुशियां थी ओझल सी
हर दिन था दुःख से मिलना हर घड़ियाँ थी मुश्किल सी
फिर किसने आकर उनको दिया विराम है
मेरा श्याम है मेरा श्याम है

कंकर को मोती कर दे पत्थर में फूल खिलाये
इस जग में एक ही है जो मिटटी में नाव चलाये
वो कौन जो गिरते को लेता थाम है
मेरा श्याम है मेरा श्याम है

हमने तो वो भी पाया जो ना था हमारे हक़ में
सोनू का नाम लिखा है तुमने ही  आज फलक में
ये किसकी बदौलत चेहरे पे मुस्कान है
मेरा श्याम है मेरा श्याम है