साईं जी तोरे अंगना परदेसी आये

देके धगा होगे अपने पराये,
दुश्मन सी लागे ये सारी फिजाये,
साईं जी तोरे अंगना परदेसी आये,
परदेशी आये इक आस लगाये,
साईं जी तोरे अंगना परदेसी आये,

कोई न देता हम को सहारा कश्ती को अब तो न मिलता किनारा,
जीवन में सब कुछ ये हारा ही हारा
घ्याल हुआ मेरा दिल ये विचारा
जखम ये अपने किसको दिखाए
मरहम जो तुम देदो हम मुस्कुराए,
साईं जी तोरे अंगना परदेसी आये,

भटके हम दर दर ले अश्को को अपने
टूट गए सारे जिन्दगी के सपने
पल पल लुटता देखा खाबो के अपने
जैसे रेगिस्तान लगता है तपने
गम के समन्दर में डूब न जाए
कोई नही ऐसा जो हमको बचाए
साईं जी तोरे अंगना परदेसी आये,

हमने सुना है तू बिगड़ी बनाता यु ही जमाना तो दर पे न आता,
रहमो की वरिश तो तू ही कराता
उजड़े को तू ही तो गुलशन बनाता
दीदार अपना तू क्यों न कराए
देंगे उम्र भर लाखो दुआए
साईं जी तोरे अंगना परदेसी आये,
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