आ गई हु खाटू बाबा खोल दे तू किस्मत को

आ गई हु खाटू बाबा खोल दे तू किस्मत को
मैंने देखा है बरसते सब पे तेरी रहमत को
इतने दिन क्यों दूर रखा सुन मेरी गुजारिश को,
भगत की हु दुनिया से मैं देख ले तू हालत को

है नसीब उनके भी दर तेरे जो आते है
खाटू जो भी जाते है गुण तेरे ही गाते है,
तुम सवारों खाटू वाले रूठी मेरी किस्मत को
थक चुकी हु दुनिया से देख ले तू हा लत को

है सहारा बाबा उनका जो भी हारे आया है
उनको थामा है तुम ने जग का जो है सताया है
तुम सहारा देना मुझको देना अपनी रहमत को
थक चुकी हु दुनिया से देख ले तू हा लत को

क्या हुई है भूल मेरी जो मुझे बुलाया है
है सुनीता बेटी तेरी है मदन पे तेरा भी साया,
तेरा मुझपे है साया तुलसी तेरे दर का चाकर मांगे तेरी रहमत को
थक चुकी हु दुनिया से देख ले तू हा लत को