घर से बेघर हो गया

घर से बेघर हो गया दीवाना घर से चल दियां,
श्यामा श्यामा केहते केहते गिरता पड़ता चल दियां,
घर से बेघर हो गया दीवाना घर से चल दियां,

लोग पत्थर थे उठा ते और धक्का मारते
उसकी मज़बूरी लाचारी में सभी दुधकारते,
जो भी रिश्ते नाते है अपनों ने है मुह मोड़ लियां
घर से बेघर हो गया दीवाना घर से चल दियां,

पैसे की पहचान याहा पर पैसे बिन न यार है ,
हो गे अपने बेगाने मतलब का ये संसार है,
मुस्ली सी ये आज देखो सब ने रिश्ता तोड़ दियां,
घर से बेघर हो गया दीवाना घर से चल दियां,

रोता चलाता खाटू नगरी में वो आ गया,
देखते ही सांवरिया के प्रेम मन छा गया,
संवारे तेरे किरपा ने राजा उसे बना दियां,
घर से बेघर हो गया दीवाना घर से चल दियां,

हारे का तू इक सहारा केहती दुनिया सारी है,
नागर की भी सुन लो कन्हियाँ तेरे दर का बिखारी है,
जो भी तेरी शरण में आया मुह माँगा वर दे दियां ,
घर से बेघर हो गया दीवाना घर से चल दियां,