हे मईया है तू ही बस मेरी

दुनिया में सपना है सब कुछ हर माया का डेरा,
हे मईया है तू ही बस मेरी

सुख का सूरज ढलता जाए
दुःख घनघोर अँधेरा
सुख तू है दुःख मेरा जीवन
यह जग रेहन बसेरा
हे मईया है तू ही बस मेरी

सत्ये सभा में सिमट गया है
झूठे कपट का घेरा,
आये पड़ो हे खप्पर वाली हिरदये पुकारे मेरा
हे मईया है तू ही बस मेरी

कौन सुनेगा दुखियो का दुःख हे आंबे बिन तेरे,
काहे दिनेश हे महारानी सोहू जी लगाये नारा
हे मईया है तू ही बस मेरी