भोले बाबा की सवारी बडी शान से चले

भोले बाबा की सवारी बडी शान से चले
महादेव त्रिपुरारी बड़े शान से चले
अरे ढोल नगाड़े संग साथ में चले
और बचे बूढ़े दर नाचते चले
भोले बाबा की सवारी बडी शान से चले

आज भगवान चले भगतो के रस्ते
हाल सब का जानने मिल ने के वास्ते
मांग लो जो मांग न है सब देने चले
भोले बाबा की सवारी बडी शान से चले

ना ही कोई राजा है है ना कोई भिखारी
सब के काँधे पे बाबा की सवारी
अरे उच्च नही भेद भाव सब भूल के चले
भोले बाबा की सवारी बडी शान से चले

माथे पे चंदा गले में सर्प माला
कानो में बिछु कुंडन पेहने मर्ग शाला
अरे अपने जटा में गंगा धर के चले
भोले बाबा की सवारी बडी शान से चले

सावन का महीना बड़ा है सुहाना
शिव जी की भक्ति में जग है दीवाना
अरे सावन की रिमझिम में भीग ते चले
भोले बाबा की सवारी बडी शान से चले
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