चली चली रे यात्रा चली रे

चली चली रे यात्रा चली रे
लेके हाथो में निशान गाते श्याम का गुणगान
खाटू धाम की सुहानी गली चली रे

प्रेमी श्याम के अनोखे हैं दीवाने
चले सांवरे को अपने मनाने
कोई चिंता है न दर न ही किसी की फिकर
प्रीत सांवरे की दिल में पाली रे
चली चली रे .........

सबके दिल में एक यही आशा
मन श्याम मिलान का प्यारा
जैसे पपीहे की प्यास वैसे प्रेमी है उदास
श्याम नाम की ह्रदय में ज्योत जाली रे
चली चली रे .........

पड़े पाँव में छाले नहीं गम है
नहीं रुकेंगे बढ़ाये जो कदम हैं
हो तब तक आये ना आराम
जब तक मिले नहीं श्याम
लीले बेधड़क पप्पू की ये गली रे
चली चली रे .........
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