सुनो प्रभु मेरे विनती हमारी

सुनो प्रभु मेरे विनती हमारी
रहे तेरे रंग में जिंदगी हमारी

दुख हो चाहे सुख की छाया,
हर हालत में वो मुस्काया
उसने पाया जीवन का धन,
जिसने अपना आप गवांया
सुनो प्रभु मेरे विनती..

हर एक स्वास में करता रहूं मैं,
सिमरन तेरा निशदिन दाता
मन मंदिर में तुझे बिठाकर,
जोडूं तुमसे प्रीत का नाता
सुनो प्रभु मेरे विनती..

दाता हमको अपना बना लो,
तेरी शरण है तुम्हीं संभालो
बीच भंवर में नैय्या मेरी,
मांझी बनकर पार लगा लो

सुनो प्रभु मेरे विनती हमारी
रहे तेरे रंग में जिंदगी हमारी


धुन (गीत) :: दुखी मन मेरे सुनो मेरा..

भजन रचना ::
पूज्य गुरुदेव बाबा भगतराम जी
उदासी आश्रम, बिलासपुर छ. ग.
Mob :: 98271-11399..
70004-92179..
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