शीश के दानी तेरी जयकार

*(तर्ज-ढपली वाले...ढपली बजा )*

शीश के दानी तेरी जयकार
तेरा जैसा दुनिया में औ श्याम,
ना कोई लखदातार.

तेरी महिमा को हमने है देखा हमने सुनी है कहानी
हारे हुए को देता सहारा तुमसा ना कोई है सानी
जहाँ भी निहारु मै जब जब पुकारु
तु आ जाता लीले सवार.

दिल में तुम्हारी सुरत हो प्यारी चाहत यही है हमारी
तु मेरा दाता तुम से ही पाता दर का मै तेरे भिखारी
जो चाहुं मै पाऊ तेर दर पर आऊ
तु ही मेरा पालनहार...

फागुन मैं आएं नाचे और गाएं भर भर के झोली ले आएं
रोडा ये कहता कोई भी बाबा खाली ना घर अपने जाएं
ये हमसब भी चाहे और गुण तेरा गाएं
भरो श्याम अब भंडार..

शिश के दानी तेरी जय जयकार
तेरा जैसा दुनिया में औ श्याम
ना कोई लखदातार

जय श्री श्याम
पवन रोडा
सरदारशहर
सम्पर्क:-9772550050