मेरे साई मैं जब चाहु मुझे मुखड़ा दिखा देना

मेरे साई मैं जब चाहु मुझे मुखड़ा दिखा देना ,
तुम इस दुनिया के सेहरा में बस इक वरखा दिखा देना,
मेरे साई मैं जब चाहु मुझे मुखड़ा दिखा देना ,

मैं तेरे काम की खातिर तेरे कदमो में आया हु,
अटक जाऊ जो रस्ते से मुझे वो रस्ता दिखा देना,
तुम इस दुनिया के सेहरा में बस इक वरखा दिखा देना,
मेरे साई मैं जब चाहु मुझे मुखड़ा दिखा देना ,

अगर मगरूर हो जाऊ मैं तुमसे दूर हो जाऊ,
वही मेरे गुनाहो का मुझे शीशा दिखा देना,
तुम इस दुनिया के सेहरा में बस इक वरखा दिखा देना,
मेरे साई मैं जब चाहु मुझे मुखड़ा दिखा देना ,

बिठा लेना मुझे पहले तुम अपने आसताने पर ,
फिर उस के बाद जो अब तक नहीं देखा दिखा देना ,
तुम इस दुनिया के सेहरा में बस इक वरखा दिखा देना,
मेरे साई मैं जब चाहु मुझे मुखड़ा दिखा देना ,

हर इक पग पर दिखाए है हजारो मौजझे तुमने,
मुझे जो पार कर दे वो भी इक लम्हा दिखा देना,
तुम इस दुनिया के सेहरा में बस इक वरखा दिखा देना,
मेरे साई मैं जब चाहु मुझे मुखड़ा दिखा देना ,
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