भर देते है भंडारे

भर देते है भंडारे कर देते वारे न्यारे मेरे श्याम खाटू वाले,
कितनो के कष्ट सवारे जग जाए भाग हमारे,
मेरे श्याम खाटू वाले,
कितनो के कष्ट सवारे जग जाए भाग हमारे,

कलयुग का दातार सहारा,सब की विनती सुनता है,
आ जाता जो श्याम शरण में उसकी झोली भरता है,
जो सच्चे दिल से पुकारे हारे को मिले सहारे,
मेरे श्याम खाटू वाले,
कितनो के कष्ट सवारे जग जाए भाग हमारे,

शीश का दानी सेठ संवारा दान वीर वो कहलाये,
थोड़ी सी भगति में बाबा श्याम धनि खुश हो जाए ,
है ऐसे देव हमारे कई डूबे पार उतारे,
मेरे श्याम खाटू वाले,
कितनो के कष्ट सवारे जग जाए भाग हमारे,

दया करो इस बालक पर भी तेरी मैं अरदास करू,
गा गा कर भजनो को तेरे बाबा फिर फर्याद करू,
मैं खड़ा तेरे द्वारे ये पंचम तुम्हे पुकारे,
मेरे श्याम खाटू वाले,
कितनो के कष्ट सवारे जग जाए भाग हमारे,