सीता के राम थे रखवाले जब हरण हुआ तब कोई नहीं

सीता के राम थे रखवाले जब हरण हुआ तब कोई नहीं ,

दोप्दी की पांचो पांडव थे जब चीर हरण तब कोई नहीं,
दसरथ के चार दुलारे थे जब प्राण तजे कब कोई नहीं,

रावण भी बड़े शक्तिशाली थे जब लंका जली तब कोई नहीं,
श्री कृष्ण सुदर्शन धारी थे जब तीर चुबा तब कोई नहीं,

लक्ष्मण जी भी भारी योद्धा थे जब शक्ति लगी तब कोई नहीं,
सिर सइयां पे पड़े बितामा थे पीड़ा का सन्जी कोई नहीं,

अभिमन्यु राज दुलारे थे पर चक्रविहु में कोई नहीं,
सच है ये दविंदर दुनिया वाले संसार में अपना कोई नहीं,
श्रेणी
download bhajan lyrics (403 downloads)