मुझको ले चल खाटू धाम

मुझको ले चल खाटू धाम अपने छोड़ के सारे काम
श्याम से मिलकर आएंगे,
खाटू मे जा कर के हम भी मौज उड़ाएँगे

मत कर देर तू मेरी प्यारी,
जल्दी से कर ले तयारी जब न देर लगाए गे,
खाटू में जा कर के हम भी मौज उड़ायेंगे,

मोटा बड़ा है साहूकार मेरा बाबा लखदातार ,
दिल की बात बतायेगे हम भी मोठे सेठ से थोड़ा मांग के लाये गे,

उसके दर पे नहीं है घाटा कितने बन गये बिरला टाटा,
हम भी कुछ बन जायेगे,
टाटा बिरला जैसा जग में नाम कमाएंगे,

चाहे राजा या कंगाल सब को करता माला माल ,
अर्जी उसे लगाएंगे अर्जी लगा कर दर से झोली भर के लाएंगे,

रहती बाहा नहीं कंगाली श्याम के दर पे है खुशहाली,
हम भी खुशियां पाएंगे,
श्याम को शर्मा दिल का सारा हाल सुनाएंगे,