हार गया हुआ खेते खेते मिलता नहीं किनारा

हार गया हुआ खेते खेते मिलता नहीं किनारा,
देदो श्याम सहारा,
भटक रहा हु भव सागर में छाया है अनधिकारा.
देदो श्याम सहारा,

कोशिश मैंने लाखो करि पर नैना खेह नहीं पाया,
डूभ न जाऊ दर के कन्हियाँ मन मेरा गबराया,
तेरे रहते रह जाऊँगा क्या,मैं हारे का हारा,
देदो श्याम सहारा

छाई काली बदलियां काहे मुझको डराए,
गम के बादल बन के बजुरियाँ ऐसा शोर मचाये ,
इतना कह दे क्या मैं नहीं हु बाबा बेटा तुम्हरा,
देदो बाबा सहारा.....

तेरे भरोसे नैया तो छोड़ी अब तो तू ही जाने,
पर पका विश्वाश है मुझको आये गा तू ही बचाने,
श्याम का सपना टूट न जाए बन जा खेवन हारा,
देदो श्याम सहारा