आजा मोरे श्याम

मथुरा ढूंढ़ो,गोकुल ढूंढो, ढूंढो ब्रिज चौरासी,
आजा मोरे श्याम,अखियां दर्शन की प्यासी,

दिल में तेरा प्यार बसाया,
दिल को ये कैसा मैंने रोग लगाया,
मुझ दुखिया पर तरस ना आया,
कैसा तू मथुरावासी,आजा मोरे श्याम............

गंगा की धार देखी पाया ना ठिकाना,
कहां पे मिलोगे कान्हा जरा ये बताना,
सुन के पुकार मेरी जल्दी से आना,
मेरा मन दर्शन अभिलाषी,आजा मोरे श्याम.........

दिल ने तुमको याद किया है,
कैसा जुदाई का ये दर्द दिया है,
तेरे बिन लागे ना जिया है,
छाई है घोर उदासी,आजा मोरे श्याम........

अवधेश राणा,मथुरा
6395870827
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