जठे बैठी सती रानी श्यानी झुंझुनू धिराणी

जठे बैठी सती रानी श्यानी झुंझुनू धिराणी
दानी गगन धारा में तो नगाड़ा बाजे
देवरो सती को म्हाने प्यारो लागे

बैठी माता देवरे में ओढ़ चुनरिया लाल जी
नौबत शंख नगाड़ा बाजे
गाओ दे दे ताल जी
तू तो सारे जग की माता
बन बैठि भाग्य विधाता
थारो भादवे की मावस न मेलो लागे
देवरो सती को म्हाने प्यारो लागे

घननन घननन घंटा बाजे कोसा शब्द सुने है
पंडितजन पैडया पर बैठा मंगल मंत्र गुने है
बठै नाचे मोर पपहिया ,जय जयकार करेगी मैया
मन झुंझुनूं तो गांव म जी म्हारो लागे
देवरो सती को महान प्यारो लागे

लाल पताका उड़े गगण में लहर लहर लहरावे जी
मकराने को बण्यो देवरो भक्ता के मन भावे जी
यो तो दमदमाट दमके उगते सूरज माही चमके
जठे जागरण रोज तिहारो जागे
देवरो सती को म्हाने प्यारो लागे

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