छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा

जब तक हो दादी जीवन मेरा,
छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,
तेरी सेवा में रहे अर्पण तन मन मेरा,
जब तक हो दादी जीवन मेरा,

इतनी किरपा करना हर दम इस लायक रहु मैं,
जब दिल चाहे मेरा तेरे ढांढन धाम में औ मैं,
जी भर के करू मैं दर्शन तेरा,
छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,
जब तक हो दादी जीवन मेरा,

अमावस की अमावस को तेरी घर में ज्योत जलाऊ मैं,
और पुरे परिवार के संग में तेरी दोहक लगाउ मैं
भर दे तू खुशियों से आँगन मेरा,
छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,
जब तक हो दादी जीवन मेरा,

अपने सुख दुःख सारे केवल तुझको ही बताऊ मैं ,
तीज त्यौहार सभी मेरे तेरे साथ मनाऊ मैं,
छोडू कभी न दामन तेरा,
छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा

तेरी सेवा में ही मेरी सारी उम्र कट जाये,
भूल न जाओ तुमको ऐसा पल जीवन में न आये,
सोनू वो पल हो अंतिम मेरा,
छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा