मैं गुड़ चना बाटूंगा

संतोषी मैया मुरदे पूरी करदे मै गुड़ चना बाटूंगा ,
भोग लगाके तुझे भवानी  तेरे गुण मैं गाऊंगा,
मेरी मैया मुरादे पूरी करदे मैं गुड़ चना बाटूंगा

भोग लगा के तुझे भवानी तेरे गुण मैं गाऊंगा,
मेरी मैया मुरादे पूरी करदे मैं गुड़ चना बाटूंगा

मैंने सुना है द्वारे तेरे जो भी प्राणी आये,
इक छाव को पुरा करके तू उनके भाग जगाये,
मेरे भी तो भाग जगा दे तेरे महिमा गाऊ गाऊ,
मेरी मैया मुरादे पूरी करदे मैं गुड़ चना बाटूंगा

निर्धन को धन वान बनाये अज्ञानो को ग्यानी,
तेरे व्रत की शक्ति माता सारे जग ने मानी,
घर में तेरी ज्योत जगा के तेरे भजन करुगा,
मेरी मैया मुरादे पूरी करदे मैं गुड़ चना बाटूंगा

जोधपुर और गुना में माँ मियाँ आप विराजी,
जन जन को संतोष माँ बांटे तुमसा कोई न दानी,
तेरी महिमा बड़ी अनोखी सब को ये मैं सुनाउगा.
मेरी मैया मुरादे पूरी करदे मैं गुड़ चना बाटूंगा