मेरी हाजरी काबुल कर सैयां मेरे मालका

मेरी हाजरी काबुल कर सैयां मेरे मालका,
बड़ी आस लेके दर तेरे आई आ मेरे मालका,
देके चरना च था कर सूखा वाली था फड़ बचैया दी बांह मेरे मालका मेरे सैयां,
मेरी हाजरी काबुल कर सैयां मेरे मालका,

होर न कुछ मंगदी बस साई तेरी सेवा मंगदी,
रंग दे चुनी मेरी एक सेवादार वाले रंग दे,
छेटी करि साड़ी आज सुनवाया मेरे मालका,
मेरी हाजरी काबुल कर सैयां मेरे मालका,

सोना वे दर तेरा मुड़ मुड़ एथे आवा मैं,
सुख या दुःख हॉवे तेथो कुझ न लुकावा मैं,
सब गला तेरे न वंड ाइयाँ मेरे मालका
मेरी हाजरी काबुल कर सैयां मेरे मालका,

उपरो तक दा नहीं दिल दी खुशबू देखे,
तेरी मेहरबानी साडा दोश न तू वेखे,
तेरिया ने मशहूर बड्याइयाँ मेरे मालका,
मेरी हाजरी काबुल कर सैयां मेरे मालका,

हॉवे जे नजर तेरी साहिल भी तर जावे,
भगा वाली जिंदगी कुझ होर सवर जावे,
सैयां तू ही सदा लाइयाँ ते निभाइयाँ,
मेरी हाजरी काबुल कर सैयां मेरे मालका,
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