जाने क्यों लोग यहाँ पर जमा होते है

जाने क्यों लोग यहाँ पर जमा होते है,

शहनाई बजती है नगाड़े भजते है,
शिंगार होता है खड़ताल भजते है,
रोशनी होती है चांदनी होती है,
दरबार में बड़ी जोर से जयकार होती है,
कोई न कोई बात है श्याम दरबार में,
ग्यारस की रात में इक से इक चमत्कार यहाँ होते है,

सुनवाई होती है दरबार में इनके,
इन्साफ होता है दरबार में इनके,
काम बन जाते है रोग मिट जाते है,
सुमिरन तेरा करने से पापी भव तर जाते है,
कैसे करामात है इनकी क्या बात है,
मेरी क्या औकात है,
इनके दानो की महिमा तो देव गाते है,
जाने क्यों लोग यहाँ पर जमा होते है

हारे को जिताते हो गिरते को उठाते हो,
भटके हुये प्राणी को रस्ता दिखलाते हो,
हाथ पकड़ ते हो गोद में बिठा तेहो,
कहता बबली बाबा तुम उन के भग्ये जगाते हो.
यही तो बात है यही करामात है बाबा मेरे साथ है,
इस लिए लोग याहा पर जमा होते है,