क्या भूल हुई महारानी

क्या भूल हुई महारानी पूछे मेरी आंख का पानी,
किस बात पे तू रूठी है मुझसे ओ माता रानी,
खाली है क्यों नैनो वाली झोली माँ दीदार से,
आई न भुलावे वाली चिठ्ठी तेरे नाम से,

बरसो से नैना बरसे तेरे एक झकल को तरसे,
भुलाना नसीबा मेरा असुयो की धार से,
आई न भुलावे वाली चिठ्ठी तेरे नाम से,

श्रदा से व्रत रखे मैंने सदा माँ नवरातो में,
फिर भी तुझ तक आणि थी ना बनी लकीर हाथो में,
कह दी दिल की बात आज माँ तुमसे बातो बातो में,
मैं प्यासा हु जग भीगे तेरी ममता की बरसातों में,
मुझे ना पुकारा तेरे प्यार ने माँ प्यार से,
आई न भुलावे वाली चिठ्ठी तेरे नाम से,

तेरे मंदिरो में बांधे है मन्नत वाले धागे माँ,
रोया सारी रात मैं तेरी तस्वीरो के आगे माँ,
जागी जगरातो में फिर भी भाग न मेरे जागे माँ ,
हार गई रो रो के मेरी नैन है बड़े अह्भागे माँ,
पिघला न दिल क्यों तेरा माँ मेरी पुकार से,
आई न भुलावे वाली चिठ्ठी तेरे नाम से,