मैं श्याम दीवानी सी हो गी

देख के तेरी सुरतियाँ मैं तो हो गई वनवारियाँ,.
तेरे भाववे सिरंगी मैं दीवानी सी हो गई,
मैं धनि बनवाली हो गई रे घनी बनवाली हो गई,
मैं श्याम दीवानी सी हो गी,

श्याम सांवरियां खाटू नगरियां देखन आगि मैं आगि देखन तेरी नगरियां,
हारा हुआ जो कोई आवे खाली न जाये,
तूने खूब भरे भंडारे भगतो के सांवरियां,
मैं धनि बनवाली हो गई रे घनी बनवाली हो गई,
मैं श्याम दीवानी सी हो गी,

भक्तो ने है तुझे सजाया फूलो से बाबा,
गाये नूतन झूमे हर मन भूल के दुनिया,
अपने भक्तो से न होना तू बेखबर सांवरियां,
मैं धनि बनवाली हो गई रे घनी बनवाली हो गई,
मैं श्याम दीवानी सी हो गी,